B.A 2nd Year Sanskrit Important Questions 2022-2023

Today you will get the b.a 2nd year Sanskrit important questions 2022-23 for upcoming examinations.

These questions have been taken from the question bank.

These are already asked in the examination and are important for the next year's examinations.

These questions are difficult, so try to solve them after reading the related chapter in the textbook.

Now discuss, how to write the answer to ba 2nd year sanskrit paper.

First of all, read the related topic in your university textbook, and understand the meaning of the content.

Then write these ba 2nd year sanskrit questions in your notebook.

Now start to write the answer in your own words with simplicity.

You fill that you can memorize these answers of ba 2nd year sanskrit model paper in a minute.

This will happen because words are yours.

This process will help to revise the answer in minutes at the time of the examination.

If these questions are not matching with your university syllabus, then treat the ba 2nd year sanskrit question paper as a model paper.

You will get in this post b.a 2nd year Sanskrit 1st paper, 2nd paper, and 3rd+4th paper questions separately for convenience. 

Sanskrit BA 2nd Year

B.A 2nd Year Sanskrit 1st Paper Questions

  • अभिज्ञानशाकुन्तलम के मंगलाचरण में किसकी स्तुति है?
  • शकुन्तला की सखियों के नाम लिखिये
  • शकुन्तला की अंगूठी किस तीर्थ में गिर गयी थी?
  • कण्व के उन शिष्यों के नाम लिखिये जो हस्तिनापुर गये थे?
  • आर्या छंद में मात्रा क्रम क्या होता है?
  • मालिनी छंद का लक्षण लिखिये
  • संस्कृत महाकाव्यों की वृहत्त्रयी में कौन कौन महाकव्य है?
  • 'मेघदूतम' के रचयिता कौन हैं?
  • कर्ता शब्द में प्रकृति प्रत्यय लिखिये
  • निष्ठां संज्ञा किन प्रत्ययों की होती है?
  • निम्न सूक्तियों की व्याख्या करें:- (1) भवितव्यता खलु बलवती (2) अनतिक्रमणीयानि श्रेयांसि
  • निम्नलिखित छंदों के लक्षण सोदाहरण लिखें:- (क) अनुष्टुप (ख) द्रुतविलम्बित (ग) बसन्ततिलका (घ) शिखरिणी
  • रामायण का महत्व समझायें
  • महाभारत के विकास क्रम की समीक्षा करें
  • इन पर सारगर्भित टिप्पणी लिखें:- (क) उत्तररामचरितम (ख) कादम्बरी (ग) हितोपदेश (घ) पंडित गिरिधर शर्मा 'नवरत्न'
  • निम्न की सूत्रनिर्देशपूर्वक सिद्ध करें:- (क) देयम (ख) कारक: (ग) स्तुत्य: (घ) छिन्न:
  • 'गध कवीनां निकषं वदनिंत' की समीक्षा करें
  • 'भारवेरर्थगौरवम्' पर लेख लिखें 
  • निम्न सूत्रों की सोदाहरण व्याख्या करें:- (क) तव्यत्तव्यानीयरः (ख) शतृशानचावप्रथमासमानाधिकरणे
  • निम्न गद्यांशों का सप्रसंग अनुवाद करें : (1)एतस्मिन्समये तस्मिन्‌ पत्राने कश्चिद्‌ वणिकपुत्रो मृत:। तस्य दाहाय महाजनो गतो$भूतं। ततश्नतुर्णा मध्यादेकेन पुस्तकमवलोकितं, "महाजनो येन गतः स पन्था:" इति। "तन्महाजनमार्गेण गच्छाम:।" (2) तदह मन्यं जलाशयमचैव सभारयों यास्यामि। एवमुक्त्वा स मण्डको रात्रावेवाइन्यजलाशयं गतः। धीवरैरपि प्रभाते | आग्य, जघन्यमध्यमोत्तमजलचरा. मल्यकूर्ममण्डूक-कर्कटादयो गृहीता:। तावपि शतबुद्धिसहसबुद्धि सभायाँ पलायमानौ चिरमात्मानं गति विशेषविज्ञानेः कुटिलाचारेण रक्षन्तौ जाले निपतितौ व्यापादिती च।
  • निम्न शब्दों के संपूर्ण विभक्ति रूप लिखें:- मातृ, गुरु, अस्मदू, युष्मद्‌
  • निम्न धातुओं के निर्दिष्ट लकारों के रूप लिखें:- लिखू(लोट), भ(लज्ज), भत्यज्‌ (लुट्‌), सम (लट्‌)

B.A 2nd Year Sanskrit 2nd Paper Questions

  • निम्नलिखित शब्दों के रूप लिखिए:- गुरु, मातृ, युष्मद्‌
  • निम्न धातुओं के निर्देशित लकारों में रूप लिखें:- सम (लटलकार), दृश्‌ (लडलकार), भू (लुट्लकार), त्यज(विधिलिडगलकार)
  • निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करें:- (क) राजा दशरथ के चार पुत्र थे (ख) शोर मत करो (ग) दूध प्रकृति से मीठा होता है (घ) भगवान राम को नमस्कार है
  • निम्न सूक्तियों की सप्रसंग व्याख्या करें:- (क) वस्था वस्तूनि प्रथयाति संकोचयति च (ख) कुसुमस्तबकस्येव द्वयी वृति: मनस्विनः
  • निम्न शब्दों को संस्कृत में लिखें:- मोर, नारियल, बेल,हाथी, घोड़ा, पत्थर, बिल्ली
  • निम्न अव्ययों को वाक्यों में प्रयोग करें:- कथम्‌, उच्चेः, दक्षिणतः, हाः
  • इस गद्यांश का सप्रसंग-अनुवाद करें:- कस्मिंश्रिदधिष्ठाने चत्वारो ब्राह्मणपुत्राः परस्पर मित्रत्वमापन्ना वसन्ति सम, बाल्यभावे तेषां मतिरजायत्‌-भो! मतिरजायत्‌-भो! देशान्तरं गत्वा विद्याया उपार्जन॑ क्रियते। अथान्यस्मिन्‌ दिवसे ते ब्राह्मणा परस्पर निश्चय कृत्वा निश्चयं कृत्वा विद्योपार्जनार्थ कान्य-कुब्जे गताः।
  • 'नीतिशतकम' के आधार पर मूर्खो के विषय में भृतहरि के विचार प्रस्तुत करें 
  • अधोलिखित शब्दरूपों में विभक्ति एवं वचन का निर्देश करें:- (क) रामेण (ख) सर्वस्मैं (ग) हरिभि: (घ) पितुः
  • अधोलिखित शब्दों के यथा निर्दिष्ट रूप को लिखें:- (1) रमा-तृतीय एकवचन (2) राजन-षष्टी एकवचन (3) सखि-चतुर्थ एकवचन (4) ज्ञान-प्रथमा बहुवचन
  • 'अ' तथा 'उ' वर्ण के सभी भेदों का उल्लेख करें
  • निम्न सन्धियों की सूत्रनिर्देशपूर्वक सिद्ध करें:- (क) उपेन्द्र: (ख) तवल्कार: (ग) शिवोवन्ध:
  • निम्न संज्ञाओं को सुत्रोल्लेखपूर्वक सोदाहरण स्पस्ट करें:- इत्, गुण, संयोग, अनुनासिक, प्रगृह्य
  • निम्न पर टिप्पणी लिखें:- महाभारत, महाकवि माघ, भवभूति, बृहत्कथा
  • निम्न पर संस्कृत में निबंध लिखें:- सत्संगति, परोपकार:, भारतीय संस्कृति:
  • निम्न श्लोकों की सप्रसंग व्याख्या करें:- यत्र स्त्री, यत्र कित॑वी बाली यत्र प्रशासिता। तदूगृहं क्षयमायाति भार्गवो हीदमब्रवीत्‌।। 

B.A 2nd Year Sanskrit 3rd & 4th Paper Most Important Questions 

  • 'शुकनासोपदेश' का सारांश प्रस्तुत करें |
  • 'वाणी वाणो वभूवेती' इस उक्ति की समीक्षा करें |
  • 'शिवराज विजय' प्रथम निःश्वास का सारांश लिखें |
  • अवन्ती सुन्दरी का चरित्र चित्रण करें |
  • 'दण्डन: पद्लालित्यम' इस उक्ति की समीक्षा करें |
  • 'अभिज्ञानशाकुन्तलम' नाटक के आधार पर राजा दुष्यंत का चरित्र चित्रण करें |
  • "उपमा कालिदासस्य" इस उक्ती की समीक्षा करें |
  • 'चरुद्त्तम' के आधार पर भास की नाट्य-शैली पर प्रकाश डालें |
  • 'अभिज्ञानशाकुन्तलम' के आधार पर ऋषि कण्व का चरित्र-चित्रण करें |
  • "काव्येशू नाटक रम्यं तत्र रम्या शकुन्तला" इस उक्ति की सार्थकता प्रतिपादित करें |
  • इसका हिंदी में अनुवाद करें - विभवानुवशा भार्या समदुःखसुखो भवान | सत्यं च न परिभ्रष्ट यद् दरिद्रषु दुर्लभंम ||
  • 'शुकनासोपदेश' के आधार पर लक्ष्मी की प्रकृति का वर्णन करें |
  • "वाणोंच्छषट जगत्स्वर्म" इस उक्ति की समीक्षा करें |
  • 'शिवराजविजय' के द्वितीय नि:श्वास का सारांश लिखें |
  • गौरसिंह का चरित्र-चित्रण करें |
  • दंण्ड़ी के व्यक्तित्व और क्त्रित्व पर प्रकाश डालें |
  • निम्न का हिंदी में अनुवाद करें - न परिचयं रक्षति, न रुपमालोकयते, न शील पश्चायती, नचार पालयति, यथा यथा चेय चपला दीप्यते तथा तथा दिपशिखेव कज्जलमलिनमेव कर्म केवलमुदवमति |
  • 'अभिज्ञानशाकुन्तलम' के आधार पर शकुन्तला के चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन करें |
  • दुर्वासा के शाप के नाटकीय महत्व का मूल्यांकन करें |
  • 'चरुदतम' की कथावस्तु का संक्षेप में वर्णन करें |
  • 'चरुदतम' के आधार पर चारुदत्त के चरित्र का चित्रण करें |
  • 'अभिज्ञानशाकुन्तलम' के आलोक में प्रियवदा और अनसूया का चरित्र-चित्रण करें |
  • 'कालिदासस्य सर्वस्वम्भिज्ञानशकुंत्लम' की इस उक्ति की विवेचना करें |
  • कविराज विश्वनाथ कृत काव्य-लक्षण की व्याख्या करें |
  • 'साहित्य दर्पण' के अनुसार महाकाव्य का लक्षण स्पस्ट करें |
  • 'शिवाराजविजय' के पात्र गौरसिंह का चरित्रचित्रण करें |
  • 'पञ्चसंधियाँ' पर टिपण्णी करें |
  • आचार्य विश्वनाथ कृत काव्य प्रयोजनों की विवेचना करें |
  • 'शिशुपालवधम्' के काव्यगत विशिष्टता की विवेचना करें |
  • संस्कृत साहित्य में अम्बिकादत्त व्यास के योगदान की विवेचना करें |

इन प्रश्नों में कहीं कहीं हलंत की कमी है कंप्यूटर टाइपिंग में वो मिस्टेक है |

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