Some Amazing Questions With Answers In Hindi For Competitive Exams

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आज इस पोस्ट के माध्यम से कुछ प्रश्नों के जबाब दिए जायेंगे, जो आपके आने वाली परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षा दोनों के लिए लाभकारी होगी | ये प्रश्नोतरी आपके ज्ञान को बढ़ाने का काम करेंगे और साथ ही समान्य ज्ञान की जानकारी को भी सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे | इन प्रश्नों को आप अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों से भी पूछ सकते हैं और विस्तार से उन प्रश्नों के उत्तर समझा सकते हैं |

आईये शुरू करते हैं Some Amazing Questions With Answers quiz |

प्रश्न - दुनिया का आठवां अजूबा का नाम बताइए और पूरी जानकारी विस्तार से दीजिये 

उत्तर - आज आप इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे की दुनिया का आठवां अजूबा कौन सा है | वैसे तो पूरा विश्व ही अजूबो से भरा पड़ा है और उन अजूबों की कहानी भी बड़ी ही विचित्र है | वे जहाँ स्थापित है उस जगह और शहर की संस्कृति के साथ ही उस देश के इतिहास की भी गवाही देते है | बहुत से तथ्य ऐसे भी निकल के आते हैं की देखने वाले की आँखे चुधिया जाएँ | 

वैसे तो भारत के बहुत से तीर्थस्थल और पौराणिक जगहों पर मौजूद कृतियों को अजूबा के तौर पर शामिल किया गया है | जैसे - ताजमहल, स्वर्ण मंदिर, हंपी, नालंदा, कोणार्क और खुजराहो आदि | इस जगहों का अपना महत्व है और इनसे सम्बंधित सभी तथ्यों के आधार पर इनको अजूबो की लिस्ट में शामिल किया जाता है |

हाल में आठ देशो के अंतरराष्ट्रीय सगठन ने लिस्ट में भारत के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को सम्मलित किया है इसका निर्माण भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शासन काल में हुआ और इसे  शंघाई संगठन ने आठवें अजूबा के तौर पर मान्यता दी है |

वर्तमान में किये गए सर्वे के आधार पर जो आकड़ें आये हैं उसके अनुसार 31 लाख पर्यटकों ने इसे देखा है और उनसे करीब 80 करोड़ की आमदनी हुईं है | ये आमदनी 1 साल कुछ महीने में आये पर्यटकों के आधार पर दिया गया है | 

इस statue of unity के उद्घाटनकर्ता नरेन्द्र मोदी थे, उन्होंने इसे 31 अक्टूबर 2018 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया | स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को गुजरात के नर्मदा जिले के केवाडिया में स्थापित किया गया और उसके बाद इस स्टेच्यू को देखने के लिए दर्शको की भीड़ उमड़ पड़ी | ऐसा माना जाता है की पर्यटकों की बड़ी संख्या ने अमेरिका के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर आने वाले पर्यटकों की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया |

प्रसिद्ध टाइम मैगजीन ने 2019 में प्रकाशित सूचि में इसे सबसे ऊँची प्रतिमा का दर्जा दिया और 100 देखने वाली कलाकृति के लिस्ट में इसे भी शामिल किया | इस पर्यटन स्थल को आज तकनिकी रूप में और यातायात के बेहतर संसाधनों से लैस किया गया है जो पर्यटकों को आकर्षित करने में सहयोग कर रहा है | वैसे भी पर्यटक अपनी सुविधा पहले खोजते हैं |


Statue of unity
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी


Statue of unity से सम्बंधित कुछ प्रश्नों के उत्तर 

  1. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई कितनी है? - इसके पैर की ऊंचाई 80 फीट है, चेहरे और हाथ की 70 फीट साथ ही कंधे की 140 फीट है | इसकी कुल ऊँचाई 182 मीटर है |
  2. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कहाँ स्थापित है? - देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की ये मूर्ति नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के समीप केवड़िया कॉलोनी में स्थापित है |
  3. सरदार पटेल की मूर्ति पर कितना खर्च हुआ? - करीब 3000 करोड़ रूपये खर्च किये गए (2332 मूर्ति निर्माण में और 600 रखरखाव पर) 
  4. अमेरिका की स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी की ऊँचाई कितनी है ? - 93 मीटर 
  5. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने की प्राइस कितनी है ? - व्यस्क के लिए 150 रूपये, बच्चो के लिए 90 रूपये, 3 साल से छोटे बच्चो के लिए फ्री 
  6. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कब बनी ? - 31 अक्टूबर 2013 से अक्टूबर 2018 
  7. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास पहुँचने का रास्ता - गुजरात के राजमार्ग 11 और 63 के सहयोग से जा सकते हैं भरूच और बरोडरा रेलवे स्टेशन से ये नजदीक है |
  8. स्टेचू ऑफ यूनिटी किसने बनाया या इसके वास्तुकार कौन है? - राम सुतार (वास्तुकार)
  9. स्टेचू ऑफ यूनिटी की आधारशिला कब रखी गई थी? - 31 अक्टूबर 2013 में 
  10. सरदार पटेल की मूर्ति बनाने वाली कंपनी - लार्सन एंड टुब्रो (भारत देश की कंपनी)
  11. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कमाई - लगभग 75 करोड़ रूपये साल में 
  12. सरदार वल्लभ भाई पटेल का नारा क्या था - "यहाँ तक कि यदि हम हज़ारों की दौलत गवां दें, और हमारा जीवन बलिदान हो जाए, हमें मुस्कुराते रहना चाहिए और ईश्वर एवं सत्य में विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए"
  13. सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष क्यों कहा जाता है - बारडोली आंदोलन में महिलावो के अधिकार के लिए किये गए संघर्ष के बाद उन्हें महिलाओं ने लौह पुरुष की संज्ञा दी |

अब कमेंट कर के बतायें की दुनिया का आठवां अजूबा कौन सा है की जानकारी आप को कैसी लगी | 

प्रश्न - दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेक्टर कौन सा है और दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार कौन सा देश है?

उत्तर - जैसा की आप सभी जानते हैं की भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ की एक बड़ी आबादी गाँव में निवास करती है | कृषि प्रधान देश होने के कारण आज गाँव के लोग नई नई कृषि तकनीको का सहारा ले रही है | ये तकनीक उनका समय और शक्ति दोनों को बचाती है | 

पहले कृषि का काम बैल और हल के माध्यम से किया जाता था | कृषक बैल को हल में जोतकर अपने खेत की जमीन को जोतता था और बीजो को रोपित करता था | इस प्रक्रिया में बहुत समय और उर्जा का ह्रास होता था | आज ये काम ट्रेक्टर की मदद से की जाती है | पुरानी प्रक्रिया का इस्तेमाल आज भी किया जाता है लेकिन आज जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं वो ही किसान बैल और हल का प्रयोग कर रहे हैं |

नई तकनीक और उपकरण की जानकारी खेती किसानी करने वाले लोगो को जानना बहुत ही जरुरी है | आज के समय में ऑटोमोबाइल कंपनियां बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उन जगहों को चिह्नित कर रही हैं जहाँ नई तकनीको के उपकरण की आवश्यकता है | इसका असर खेती करने वाले पर भी देखा जा रहा है आज किसान भी नई तकनीक पर आधारित ट्रेक्टर खरीदने पर जोर दे रहे हैं |

आज आपको इसी क्रम में एक ऐसे Tractor (ट्रैक्टर) के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेक्टर है और इसकी फोटो आपको हतप्रभ कर देगी | इस ट्रैकर की पवार इतनी ज्यादा है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं | 

इस दमदार ट्रेक्टर को पहली बार 1970 में लांच किया गया था और ये ट्रैकर दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेक्टर गिना जाने लगा | इस Tractor का नाम big bud 16 v-747 है | इस ट्रेक्टर को कैलिफोर्निया में बनाया गया था | इस ट्रेक्टर की लम्बाई 28 ft है और चौड़ाई 20 ft है | इसका एक टायर करीब 8 ft ऊँचा है जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की ये कितना बड़ा होगा | 

अब आते हैं इसके इंजन पर, यहाँ पर आपको अंदाजा लगाना भी मुश्किल होगा की इस ट्रेक्टर के इंजीन की क्षमता क्या होगी | इस ट्रेक्टर के 24 लीटर का 16 सिलिंडर वाला इंजन दिया गया है जो की जबरदस्त शक्ति को उत्पादित करता है | इसमें 1000 गैलन की क्षमता का इंधन टैंक दिया गया है, इसके साथ इसमें 2 टर्बो चर्जेर और सुपर चार्जेर भी दिया गया है |

आधुनिक तकनीक से लैस ये ट्रेक्टर बहुत ही दमदार है और ये एक मल्टीपरपस ट्रेक्टर है |


दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेक्टर कौन सा है और दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार कौन सा देश है?
दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेक्टर कौन सा है


विश्व के सबसे बड़े ट्रेक्टर की विशेषता और मूल्य क्या है?

आपको विश्व के सबसे बड़े ट्रेक्टर के बारे में तो पता चल गया अब इसकी कुछ विशेषताओ के बारे में भी जान लेते हैं | ये ट्रेक्टर इतना शक्तिशाली है की बड़े भार को भी आसानी से उठा सकता है | रोड पर चलने में आप इसकी जबरदस्त स्पीड का अंदाजा लगा सकते हैं | 

निर्माण के समय इसका मूल्य करीब 3 लाख डौलर था जो की भारतीय रूपये के हिसाब से करीब 26 लाख होता | ये मूल्य आज से 42 साल पूर्व की है | आज के मूल्य का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं | इस ट्रेक्टर को 3 बार री-टयून किया जा चूका है | 

इसकी स्पीड तक़रीबन 13 किलोमीटर प्रति घंटे की है जो इसके वजन के हिसाब से बहुत ही ज्यादा है | इस ट्रेक्टर के फयूल टैंक को अगर भारत में भरवाया जाये तो करीब 2 लाख 50 हज़ार की कीमत चुकानी पड़ेगी | इसको अगर फुल कैपेसिटी के साथ वजन किया जाये तो वो करीब 612 क्विंटल का होगा | 

इसकी क्षमता इतनी है की ये 80 ft के कल्टीवेटर को खिचता है और वो भी 13 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से| एक एकड़ की जमीन को करीब 1 मिनट से भी कम समय में ये जोत देता है, अगर इससे पुरे दिन जुताई की जाये तो तक़रीबन 800 एकड़ के खेत को ये जोत सकता है |

भारत में सबसे बड़ा ट्रेक्टर कौन सा है?

जैसे की आप जानते हैं की सोनालिका ट्रैक्टर्स निर्माता इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड भारत की ट्रेक्टर बनाने वाली एक बड़ी निर्माता कंपनी है | इस कंपनी ने 50 HP की सोलिस-50 को दमदार तरके से पेश किया | सोनालिका भारत की सबसे बड़ी ट्रेक्टर उत्पादक कंपनी बन गयी है | 

दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार कौन सा देश है?

भारत की सोनालिका दुनिया के सबसे बड़े ट्रेक्टर बाजार या यो कहें ऑटो बाज़ार चीन में भी पहुँच चुकी है |

दुनिया का सबसे महंगा ट्रैक्टर कौन सा है? 

ट्रैकस्टार ट्रैक्टर है जिसकी कीमत 4 लाख 80 हज़ार के आसपास है

सबसे बेस्ट ट्रैक्टर कौन सा है?

भारत की कुछ कंपनियों का ट्रेक्टर उत्पादन के क्षेत्र में अपना वर्चास्व है और वे इस सेगमेंट में सबसे दमदार और सबसे अच्छे ट्रैक्टर का उत्पादन करती हैं | उनमे कुछ प्रमुख कंपनियों का नाम उल्लेखित है | 

  1. जॉन डीरे ट्रैक्टर (John Deere Tractor)
  2. स्वराज ट्रैक्टर्स (Swaraj Tractors)
  3. क्वीन टेफ ट्रैक्टर (Queen Taff Tractor)
वैसे तो न्यू हॉलैंड सबसे ज्यादा ट्रेक्टर सेल करने वाली कंपनी है और नंबर 1 के ट्रैक पर है |

सबसे कम डीजल खाने वाला ट्रैक्टर कौन सा है? 

सबसे कम डीजल खाने वाले ट्रेक्टर का नाम है Massey Ferguson 241 D

भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला ट्रैक्टर कौन सा है?

John Deere के ट्रेक्टर की बिक्री भारत में सबसे ज्यादा है क्योकि ये किसानो से लेकर बागवानी करने वालो के लिए भी अपने ट्रेक्टर उपलब्ध कराती है | 

भारत में ट्रेक्टर का निर्माण 1950 से 1960 के दशक में शुरू हुईं थी और भारत में सबसे पहला ट्रेक्टर चक्र ट्रेक्टर आया था | इसे साधारन्यतः कृषि कार्य को सुचारू रूप में चलाने के लिए बनाया गया था | 1892 में जाँन फ्रोलिक ने पेट्रोल से चलने वाला चक्र ट्रेक्टर बनाया था | जाँन फ्रोलिक को ही ट्रेक्टर का आविष्कारक कहा जाता है |

दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार वाला देश - भारत दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार है जहां 570000 ट्रैक्टर का उत्पादन किया जाता है |

प्रश्न - अंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय कौन था और अंतरिक्ष यात्री के नाम बतायें

उत्तर - आपको बता दें की दुनिया के प्रत्येक देश अंतरिक्ष में अपने सेटेलाइट भेजते रहते हैं और वहाँ की जानकारियो को संगृहीत करते हैं | उन जानकारियों और इकठ्ठा किये गए साक्ष्य के आधार पर आगे अंतरिक्ष के रहस्यों का विश्लेषण किया जाता है| इन्ही साक्ष्यो और जानकारियों को प्राप्त करने के लिए दुनिया के सभी देश अपने वैज्ञानिक और अंतरिक्ष के जानकर को वहाँ राकेट के माध्यम से भेजते हैं |

आज अमेरिका के साथ ही बहुत से यूरोपियन देशो ने अपने वैज्ञानिको को अंतरिक्ष में भेजा है उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुये भारत ने भी इस ओर कदम बढाया और अंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय हमारे सामने आया | 

उनका नाम राकेश शर्मा था और उनका जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब प्रांत के पटियाला में हुआ था | राकेश शर्मा एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार से थे और उनकी पढाई लिखाई हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी से हुईं, वहाँ से उन्होंने ग्रेजुएशन किया | 1970 में वो भारतीय वायुसेना में कार्यरत हुये, साथ ही वो 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान मिग एयरक्राफ्ट को भी उड़ाया और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करते हुयें चर्चा में आये | 

2 अप्रैल 1984 को सोवियत अंतरिक्ष यात्रियों के साथ "सोयूज टी 11" में उड़ान भरी और अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय का तमगा हासिल कर लिया | इस तरह वे भारत के प्रथम और विश्व के 138 वे अंतरिक्ष यात्री बन गए | 

राकेश शर्मा के अंतरिक्ष में जाने के बाद भारत की उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने जब उनसे पूछा की भारत अंतरिक्ष से कैसा दीखता है तो उन्होंने इस कोट का दुहराया "सारे जहाँ से अच्छा" | उनकी इस उपलब्धि पे उन्हें भारत के प्रतिष्ठित सम्मान अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया | बाद में उन्होंने भारतीय वायु सेना से विंग कमांडर के पद से सेवा-निवृति ली | 

राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में 7 दिन 21 घंटे चालीस मिनिट बिताये थे और आज भी लोगो के जेहन में उनका नाम रहता है | 

अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारी प्रश्न उत्तर के साथ 

  1. मधु शर्मा कौन हैं - ये अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा की पत्नी हैं और सेवा निवृति के बाद तमिलनाडु के कुन्नूर में रहती हैं |
  2. अंतरिक्ष यात्री लिस्ट में राकेश शर्मा का स्थान क्या था - 138 वां
  3. विश्व का प्रथम अंतरिक्ष यात्री कौन थे - युरी गागरिन 
  4. विश्व की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कौन थी - वेलेन्तिना तेरेस्कोवा
  5. अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थी- कल्पना चावला 
  6. अंतरिक्ष यात्री के नाम - राकेश शर्मा, कल्पना चावला, सुनीता विलिअम्स, स्कॉट केल्ये, नील आर्मस्ट्रोंग, युरी गागरिन, बुज्ज़ एल्ड्रिन,लिऊ यंग आदि |
  7. कौन सा अंतरिक्ष यान सबसे पहले अंतरिक्ष में गया - स्पुतनिक २
  8. अंतरिक्ष की खोज किसने की थी - विलियम हर्शल ने 
  9. अंतरिक्ष में जाने वाले पहले चीनी कौन थे - यांग लिवेई 
  10. NASA की स्थापना कब हुई? - 1 अक्टूबर 1958
  11. भारत के अंतरिक्ष केंद्र का नाम क्या है? - "इसरो" एक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान
  12. अंतरिक्ष में जाने वाली दूसरी भारतीय महिला कौन थी? - सुनीता विलियम्स
  13. अंतरिक्ष का अर्थ क्या है - अर्थ है तारे, पृथ्वी, सूरज आदि का लोक 
  14. अंतरिक्ष में जाने वाले पहले पशु का नाम - लाइका - एक मादा श्‍वान 
  15. अंतरिक्ष में तैरने वाला प्रथम व्यक्ति कौन है - सोवियत रूस का 'एलेक्सी लियोनर'

इस पोस्ट के माध्यम से आप जान ही गए होंगे की अंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय कौन था | 

प्रश्न - भूकंप क्या है भूकंप के प्रकार और प्रभाव का वर्णन कीजिए

उत्तर - भूकंप की कार्य प्रणाली आज भी बहुत कम लोग जानते हैं इसका कारण है की भूकंप कभी कभी ही आता है और कोई भी व्यक्ति तभी किसी चीज को लेकर सजग रहता है जब उसे प्रतिदिन उसका सामना करना पड़ता है| आज हम इस पोस्ट के माध्यम से कुछ जानकारियों को आप लोगो तक पहुचाने का प्रयास करेंगे | 

भूकंप को अंग्रेजी में Earthquake कहा जाता है | सब से पहले ये जानते हैं की भूकंप क्या है | साधारण भाषा में इसे भूकंप या भूचाल कहते हैं इस शब्द का ज्यादा प्रयोग हिंदी भाषी क्षेत्र में किया जाता है और दूसरे जगह के लोग इंगलिश शब्द Earthquake का प्रयोग किया करते हैं | 

भूकंप हमारी पृथ्वी के निचे के स्थलमण्डल यानि इंलिश में कहे तो लिथोस्फ़ियर में जमा होने वाले उर्जा के दबाव के मुक्त होने के कारण होता है जो बाहर निकलने के लिए जबरदस्त भूकंपीय तरंगो को उत्त्पन्न करती हैं | 

इसकी छमता का आंकलन इसी बात से लगाया जा सकता है की तीव्र आवृति वाले भूकंप में इतनी ताकत होती है की वो एक पूरे शहर को मिनटों में तबाह कर दे | इससे होने वाली तबाही पर ध्यान दिया जाये तो भूकंप पर निबंध भी हिंदी में लिखा जा सकता है | ऊपर लिखे गए वाक्य को आप भूकंप की परिभाषा के तौर पर भी देख सकते हैं |

आईये जानते हैं कुछ प्रश्नों के उत्तर यहाँ से 

भूकंप आने के कारण या भूकंप कब आता है

भूकंप आने का मुख्य कारण टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल को माना जाता है जो भूमि के निचे होती हैं | इन प्लेटो के आपसी घर्षण से ही वृहत उर्जा का निर्माण होता है और उस उर्जा के बाहर निकलने की प्रक्रिया के दौरान ही भूकंप के झटके हमें महसूस होते हैं | भूकंप के उत्पन्न होने वाली जगह को इसका केंद्र बिंदु या हाइपोसेंटर कहा जाता है |

भूकंप कितने प्रकार के होते हैं 

साधारण रूप में भूकंप चार प्रकार के होते हैं 

1) विवर्तनिक भूकंप - ये बहुत ही साधारण भूकंप की श्रेणी में आता है और इसका प्रभाव भी सिमित होता है | ये भूकंप पृथ्वी के क्रस्ट में विद्यमान टेक्टोनिकल प्लेटों में होने वाले हलचल के कारण होता है |

2) संक्षिप्त भूकंप - इस भूकंप को ज्यादातर खानों के आस पास होते हुयें देखा जाता है इसका निर्माण खानों के पत्थरों के बीच उत्पन्न टकराव के बाद के दबाव के कारण होता है |

3) विस्फोटक भूकंप - इस तरह का भूकंप हमारे द्वारा निर्मित होता है मतलब मानव द्वारा | हमारे कार्यकलाप के कारण ये उत्पन्न होते हैं जैसे खानों में पत्थर तोड़ने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल, जिसमे उच्च ताकत के विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाता है जो भूकंप को उत्पन्न होने में सहायक सिद्ध होता है |

4) ज्वालामुखीय भूकंप - इस भूकंप का निर्गम स्थल ज्वालामुखी का मुख होता है जहाँ से लावा, राख आदि भारी मात्र में निकल कर पृथ्वी के उपरी भाग में फ़ैल जाता है | ये प्रतिक्रिया भी पृथ्वी के अन्दर होने वाले पत्थर के टकराने से उत्पन्न दबाव की वजह से होता है |

भूकंप से लाभ और हानि के प्रभाव का वर्णन कीजिए

भूकंप से हमें यानि साइंटिस्ट को पृथ्वी के निचे दबे हुये ज्ञान को प्राप्त करने में सहायता मिलती है | इससे होने वाले बदलाव भी जबरदस्त होते हैं भूकंप कई तरह की नयी घाटियों, पहाड़ो आदि का जन्म कर देती है और स्थलाकृति में भी एक बदलाव लाती है | जिनका आंकलन साइंटिस्ट पृथ्वी के निचे होने वाली हलचल और बदलाव को जानने के लिए करते हैं |

समुन्द्र के तरफ आने वाले भूकंप उनके तटीय स्थल को और भी निचे ले जाती हैं जो एक सुरक्षित बंदरगाह के लिए आवश्यक है | इससे बड़े बड़े झीलों और जल स्रोतों का भी निर्माण होता है जो मनुष्य के लिए जरुरी सुविधावो में से एक है |

भूकंप से हानि भी है | इसके के कारण से कई नदियों का मार्ग बदल जाता है जो अनावश्यक रूप से कुछ क्षेत्रो में बाढ़ का कारण भी बनता है | ये नदियों के मार्ग को अवरुद्ध भी कर देता है | समुंद्र में आने वाले भूकंप से बड़ी बड़ी लहरे आती हैं और समुंद्री जहाजो को डूबा ले जाती हैं | इससे उत्पन्न भ्रंश से यातायात बाधित होता है और सड़को का विनाश होता है | 

जापान में भूकंप से बहुत क्षति पहुँचती है लेकिन वहाँ की टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस है जिस कारण से वहाँ रिकवरी बहुत कम समय में हो जाती है | एक तरह से देखा जाये तो इसके प्रभाव बहुत ही व्यापक पड़ते हैं | भूकंप से ये सभी नुकसान देखे गए हैं |

भूकंप से बचने के लिए उपाय 

भूकंप से बचने के लिए आपको कही भी लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए | हमेशा सीढियों का इस्तेमाल करे | आप अगर खड़े हैं और भूकंप आता है तो तुरंत फ़र्श पर रखे हुयें मजबूत टेबल या कुर्सी के निचे चले जाये और अपने सर को ढके | झटके रुकने के बाद ही बाहर का रुख करे | 

बिजली के उपकरण का इस्तेमाल न करे और कोशिश करे के सभी विद्युत उपकरण का स्विच ऑफ रहे | अगर आप मलबे के अन्दर दब गए हैं तो चिल्लाते रहे या किसी पाईप आदि को बजाते रहे | जिसे सुनकर कोई आपको मदद पंहुचा सके | भूकंप के समय हमें इन सावधानियों को बरतना चाहिए और जानकारी रखनी चाहिए क्योकि भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है की ये कब आएगा |

भूकंप और सुनामी में क्या अंतर है?

सीधे शब्दों में कहा जा सकता है की भूकंप का कारण हो सकता है लेकिन सुनामी एक परिणाम है जो भूकंप के कारण होता है | ये भी कहा जा सकता है की सुनामी ज्यादातर समुन्द्र में आता है जबकि भूकंप मानव द्वारा भी निर्मित हो सकता है | जैसे किसी पहाड़ के एक बड़े भाग में स्खलन हो तो उससे भी भूकंप आ सकता है और अगर वह स्खलन विस्थापन्न को जन्म दे तो सुनामी आ सकती है |

समुद्र में उत्पन्न भूकंप क्या कहलाता है?

सुनामी शब्द का प्रचलन जापान देश से शुरू हुआ या यो कहे ये एक जापानी शब्द है | सुनामी में सु का मतलब समुन्द्र तट और नामी का मतलब लहरे | इसलिए समुद्र से उत्पन्न भूकंप की संज्ञा इसे दी गयी है |

जापान में सबसे ज्यादा भूकंप टेक्टोनिक प्लेट्स के कारण से आती है | जापान में पसिफिक रिंग ऑफ फायर का क्षेत्र है और टेक्टोनिक प्लेट्स के अभिकेंद्रित सीमा के कारण भी यहाँ ज्यादा भूकंप के झटके आते हैं जो रिएक्टर स्केल पर कभी कभी उच्च आवृति भी दर्शाते हैं |

भारत में चार भूकंप केंद्र हैं जिनमे दिल्ली, मथुरा और बुलंदशहर तीव्र भूकंप के झटको के लिए जाने जाते हैं | भारत में उत्तर पूर्व के सभी राज्यों क्षेत्र में सबसे अधिक भूकंप आते हैं | 

क्या आप जानते हैं की भूकंप का  अध्ययन क्या कहलाता है तो आपको बता दे की उसे सिस्मोलॉजी कहते हैं | 

भारत में सबसे पहले भूकंप 1618 में मुंबई में आया था और सबसे बड़ा भूकंप 1737 में बंगाल में आया था | ऐसा कहा जाता है की बंगाल के भूकंप में करीब 3 लाख लोग मरे थे | भूकंप की दृष्टि से भारत का अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र महारास्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, बिहार में पटना और केरल में कोच्ची और तिरुवनंतपुरम हैं और भारत में भूकंप का सर्वाधिक संवेदनशील नगर में हैदराबाद और बिहार राज्य का भागलपुर जिला आता है |

भूकंपमापी यंत्र क्या कहलाता है?

जैसा की शब्दों से पता चलता है की भूकंप को मापने वाले यंत्र को भूकंपमापी यंत्र कहा जाता है और इसको मापने वाले यंत्र का नाम 'रिक्टर पैमाना' कहा जाता है | ये यंत्र भूकंप की तरंगो की तीव्रता का आंकलन करता है| जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल भी कहा जाता है | 

एक और पैमाना है जिसे मरकेली स्केल कहा जाता है जो भूकंप की तीव्रता की जगह उसके ताकत को आंकलन का आधार बनाता है लेकिन वैज्ञानिक ज्यादा इस्तेमाल रिक्टर पैमाना का ही करते हैं |

आज इस पोस्ट के माध्यम से आप को जानकारी मिल गयी होगी की भूकंप क्या है?

जापान में भूकंप के बाद आई सुनामी की विडियो 

प्रश्न - दशहरा क्यों मनाया जाता है इसका महत्व बताइए और कब मनाया जाता है 

उत्तर - आपको बता दें की हिंदुस्तान के सभी हिन्दू दशहरा बहुत ही धूम-धाम से मनाते हैं और ये हिन्दुवों का एक महान और बड़ा पर्व है | 

इस त्यौहार में माँ दुर्गा की पूजा की जाती है और इसके लिए श्रधा भाव से पंडाल बना कर माँ दुर्गा की मूर्ति बैठाते हैं| उसके बाद पंडित जी देवी की पूजा कलश स्थापना के साथ शुरू करते हैं | दशहरा 10 दिनों का पर्व है और इसके प्रारंभ होने के प्रथम दिन कलश की स्थापना की जाती है | दसवें दिन मूर्ति का जल में विसर्जन किया जाता है और दशहरा समाप्त हो जाता है |

अब आप ये पूछेंगे की दशहरा क्यों मनाया जाता है बताओ? | हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है की इस दिन अयोध्या के राजा भगवान् राम ने रावण का वध कर के अपनी पत्नी सीता को उसके चंगुल से आजाद किया और उन्हें ले कर अयोध्या में वापस लौटे थे | 

अयोध्या की जनता ने उनके 14 वर्ष के पश्चात् आगमन पर ख़ुशी जाहिर करने के लिए उस दिन को पर्व के रूप में मनाया | उसके बाद प्रत्येक वर्ष इसे बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है और तब से इस दिन को दशहरा के रूप में भारत में मनाया जाता है |

दशहरा कब मनाया जाता है ?

ये हिन्दुवों का एक महान पर्व है और इसे दशहरा, विजयादशमी या आयुध पूजा के तौर पर मनाया जाता है | आश्विन मास के शुक्लपक्ष के दशमी तिथि को इस का आयोजन होता है | इसे मनाने का कारण था की भगवान राम ने रावण का वध किया और साथ ही देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर के साथ युद्ध करने के बाद इस दिन उस पर विजय प्राप्त की थी | 

भारत में इस दिन को लोग विजय दिवस के रूप में भी देखते हैं, उनका मानना होता है की इस दिन शुरू किये गए कार्यो में सफलता जरुर मिलती है | इसके साथ लोग इस दिन शस्त्र पूजा भी करते हैं | इस पर्व को Vijayadashami भी कहा जाता है |

दशहरा कैसे मनाया जाता है ?

भारत में दशहरा में माँ दुर्गा की पूजा की जाती है कलश स्थापना की जाती है और दशमी के दिन शहर के किसी बड़े भूभाग पे रावण की विशाल मूर्ति लगायी जाती है और राम के वेशभूषा को धारण किये हुयें व्यक्ति द्वारा तीर चला कर रावण की मूर्ति को जला दिया जाता है | ऐसा माना जाता है की इस तरह करने से ये मेसेज जाता है की जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है और बुराई आग में जल कर खाक हो जाती है | इसलिए रावण को जलाया जाता है |

रामलीला का आयोजन कर के भी दशहरा को मनाया जाता है | इसके लिए राम, सीता, रावण, हनुमान के किरदार को निभाने वाले व्यक्तियों का चयन किया जाता है और उन्हें संवाद अदायगी की ट्रेनिंग दी जाती है उसके बाद उन किरदारों द्वारा स्टेज पर उन चरित्र को नाटक के द्वारा दर्शको को दिखाया जाता है | कुछ जगहों पर सार्वजनिक झांकिया और सजावट को भी किया जाता है | इस दिन लोग नए वस्त्र भी पहनते हैं और आदिशक्ति की पूजा करते हैं|

गाँव में दशहरा कैसे मनाया जाता है ?

वैसे तो सभी जानते हैं की भारत गांवो का देश है यहाँ अधिकतर आबादी गाँव में निवास करती है | हाँ ये बात भी है की देश के अलग अलग राज्यों के गांवो के लोगो द्वारा अलग अलग तरीके से दशहरा मनाया जाता है लेकिन मूल भाव एक ही रहता है देवी की आराधना और पूजा | 

भारत के एक राज्य महाराष्ट्र में इसे 'सिलंगण' के रूप में मनाया जाता है जिसे सामाजिक महोत्सव का नाम दिया जाता है | यहाँ पर ग्रामवासी नए कपड़ो को पहन कर 'शमी' के पेड़ की पूजा करते हैं | हिमाचल प्रदेश में पालकियो में देवी देवतावो को सजाकर जुलुस निकला जाता है |

शहरों में दशहरा के दिन कई जगहों पे प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है और बच्चे और जवान सभी उनमे सम्मलित होते हैं | बच्चों को दशहरा पर निबंध लिखने की प्रतियोगिता के साथ दशहरा पर कविता लिखने का भी आयोजन किया जाता है और अच्छी कविता लिखने वाले को इनाम भी दिया जाता है |

प्रश्न - हिन्दू धर्म कितना पुराना है बतायें

उत्तर - वैसे तो सभी जानते हैं की भारत में धर्म का प्रचलन बहुत ही पुराना है हमारी संस्कृति का आधार ही धर्म है| भारत में कई धर्म के लोग रहते हैं और सभी एक दूसरे के धर्मो का आदर करते हैं | 

धर्म अपनी विशिष्टता के लिए ही जाने जाते हैं | हिन्दू धर्म में देवी देवतावो का महत्व है लोगो की आस्था है और संस्कृति भी | भारत के कई तीर्थ स्थल हिन्दू धर्म की प्रमाणिकता को बताते हैं | कई पीठ लोगो के लिए आज भी कौतुहल का विषय है उन स्थल की विशिष्टता का बखान वे अन्य लोगो से भी करते हैं खास कर सैलानियों से| जैसे बनारस का गंगा घाट हो, थावे की दुर्गा जी का पीठ हो, पटनदेवी के मंदिर की बात हो आदि| 

हिन्दू धर्म की बात करे तो हिन्दू धर्म सबसे प्राचीन सनातन धर्म है और इसे विश्व के प्राचीनतम धर्म की भी संज्ञा दी गयी है | हिन्दू धर्म के अनुयायी कई देशो में फैले हुयें हैं जो इसके महत्व का प्रचार और प्रसार करते हैं जैसे - नेपाल, मौरिसश, भारत आदि | नेपाल को तो हिन्दू राष्ट्र ही माना जाता है | 

रामायण की कथा नेपाल में भी प्रचलित है और सीता के वनवास के साथ ही लव कुश का जन्म स्थल भी नेपाल में ही पड़ता है | इसलिए हिन्दू धर्म को मानने वाले नेपाल में अच्छे खासे लोग हैं | 

यहाँ पर आपको ये भी जानकारी दे दे की हिन्दू धर्म को सनातन धर्म इस लिए भी कहा जाता है की ऐसा माना जाता है की हिन्दू धर्म की उत्पत्ति मानव जाती के पहले ही हो चुकी है | इसलिए इसे सबसे प्राचीन धर्म कहा जाता है|

हिन्दू धर्म में सबसे ज्यादा पूजनीय वेद को माना जाता है | ऐसा माना जाता है की वेदों की रचना किसी एक काल में नहीं हुईं | इसकी रचना में बहुत समय लगा और तब जा के इसका संकलन तीन भागो में किया गया, जिसका नाम है ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद | वेद व्यास ऋषि ने इसे लिपिबद्ध किया था | 

हिन्दू धर्म की उत्पत्ति 4500 ईसापूर्वा की मानी जाती है, ऐसा माना जाता है की हिन्दू धर्म का फैलाव मध्य एशिया से हिमालय तक था | इसे ही हिन्दू धर्म की शुरुआत का काल माना जाता है |

धार्मिक ग्रंथो की बात की जाये तो रामायण, महाभारत के समय भी हिन्दू धर्म का प्रचलन था और इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की ये धर्म कितना पुराना है | चुकी उस काल के सभी तथ्यों को लिपिबद्ध करना आसान नहीं था इसलिए इनके पुराने होने की संभावित तिथि को ही इंगित किया जा सकता है |

हिन्दू धर्म में मनुवो का भी उल्लेख मिलता है और कहा जाता है की मनु ही धरती का पहला मानव था | इसके अनुसार पहला मानव 'मनु' थे और महिला का नाम 'सतरूपा' था | मनु को ही हिन्दू धर्म का संस्थापक माना जाता है |

वर्तमान के शोध को ध्यान में रखे तो हिन्दू धर्म का उद्भव करीब 24 हज़ार वर्ष पहले हुआ था | ऐसा भी माना जाता है की हिन्दू धर्म के विचार लगातार विकसित होते रहे हैं और करीब 7 चरणों में इसके विस्तार का इतिहासकारो ने आंकलन किया है लेकिन वो भी हिन्दू धर्म के उद्भव का सही आंकलन नहीं कर पाए | ऐसा भी कहा जा रहा है की सनातन धर्म की उत्पत्ति आज से 15 हज़ार वर्ष पूर्व ही हो गया था |

कुछ पूरानी मान्यतावो पर ध्यान देने पर ये भी निकल के आता है की हिन्दू धर्म 90 हज़ार वर्ष पुराना है 9057 ईसापूर्व मनु हुयें साथ ही 5114 ईसा पूर्व श्रीराम का आगमन हुआ | जो हिन्दू धर्म के अति प्राचीन होने की गवाही देता है | अब ये बात साफ़ हो गयी होगी की सनातन धर्म से पहले कौन सा धर्म था? 

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