फल दालों सब्जियों के वैज्ञानिक नाम (साइंटिफिक नेम)

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आज आपके समक्ष कुछ जानकारियां साझा करने जा रहा हूँ, इस जानकारी के द्वारा कुछ फल दालों सब्जियों के वैज्ञानिक नाम को बताने का काम करूँगा | आप शायद कुछ के नाम जानते भी होंगे, लेकिन बहुत के नहीं भी | ये जानकारी बड़ों के अलावा बच्चों के भी बहुत काम आएगा | खेल खेल में वे भी कुछ अच्छी जानकारी ग्रहण कर लेंगे| 


फल दालों सब्जियों के वैज्ञानिक नाम
फल दालों सब्जियों के वैज्ञानिक नाम


अगर इनमे से किसी फल का वैज्ञानिक नाम यानी साइंटिफिक नेम जो इस लिस्ट में न हो लेकिन आप को पता हो तो कमेंट कर के शेयर करें, उसे यहाँ जोड़ा जायेगा | कुछ फल दालों सब्जियों के वैज्ञानिक नाम इस प्रकार के हैं की उसे बोलने में भी कठिनाई होती है और उन्हें सहज रूप में बोला भी नहीं जा सकता है | जो साधारण नाम हम अपनी लोकल भाषा में उपयोग करते हैं वे ही सही हैं |

कुछ अनाज के पौधे और उनके वैज्ञानिक नाम - Some plants and their scientific names

गेहूं - ट्रिटीकम एस्‍टीवम  

इस अनाज को लेवांत क्षेत्र से आई एक घास के तौर पर जाना जाता है, पुरे विश्व में इस की खेती होती है और दुनिया में खाद्य फसल के तौर पर उगाया जाता है, इसका उत्पादन मक्का के बाद सबसे ज्यादा किया जाता है | इसका उत्पादन विभिन्न प्रकार के वातावरण में किया जाता है और करोड़ों लोगो का ये प्रिय खाद्य पदार्थ है | एशिया में इस का जबरदस्त उत्पादन होता है |

धान (चावलन - Paddy) - ओराइजा सेटाइवा 

ये भी अन्य फसलों की तरह एक प्रमुख फसल में आती है धान से चावल निकलता है | इसका उत्पादन भारत के अलावा अन्य देशों में होता है और जरूरी खाद्य पदार्थ में इसकी गिनती होती है | ओराइजा सेटाइवा का प्रचलित नाम एशियाई धान हैं जो जीव विज्ञानं का एक मॉडल जीव की श्रेणी में आता है | इसके उत्पादन के लिए जो भौगोलिक कारक महत्पूर्ण हैं वो हैं मिट्टी, वर्षा -100, तापमान-25 और उत्पादक कटिबन्ध|

बाजरा - पैनीसिटम टाइफौइड्स

इसे बाजरा के अलावा बजड़ी भी कहते हैं, इसकी गिनती मोटे अनाज में की जाती हैं | इसका उत्पादन अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप में प्रागेतिहासिक काल किया जाता है | इसका स्रोत पश्चिमी अफ्रीका का सहल क्षेत्र हैं | इस अनाज की खासियत है की ये सूखा प्रभावित क्षेत्र में भी उग जाता है और बहुत अधिक ताप को झेलने की शक्ति रखता है | इसकी एक दूसरी सबसे बड़ी खास बात है की ये उन क्षेत्रों में उगता है जहाँ गेहूं या मक्का की फसल नहीं होती है |

मक्का - जिया मेज 

मक्का भी एक मोटा खाद्य पदार्थ है और ये कुछ कुछ भुट्टे के जैसा होता है | भारत में सात प्रकार के मक्का पाए जाते हैं जो हैं - फ्लोर कॉर्न, डेंट कॉर्न, पॉड कॉर्न, वैक्सि कॉर्न, फ्लिंट कॉर्न, स्वीट कॉर्न, पॉप कॉर्न | इसकी बुआई का समय मार्च-अप्रैल, जून की शुरुआत में और सितंबर-अक्टूबर होती है | इसके उत्पादन के लिए पौधों को 25 से 30 सेंटीग्रेड का तापमान, 60 से 120 सेंटीमीटर की वर्षा, चिकनी मिट्टी और खाद की आवश्यकता होती है |

कुछ दालें और उनके वैज्ञानिक नाम - Some pulses and their scientific names

अरहर दाल - कैलेनस कजान

आपको बता दें की अरहर दाल को तुअर दाल के नाम से भी जाना जाता है | ये खाने में बहुत स्वादिस्ट और पौष्टिक होता है, इसे प्रतिदिन खाने से सेहत ठीक रहती है और इसमें मौजूद खनिज, कार्बोहाइड्रेट, लोहा, कैल्शियम आदि शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता करती है | अरहर दाल हमारे शरीर में सुगमता से पचता है और गैस, कब्ज एवं साँस के रोगियों के लिए बेहद लाभदायक है |

चना दाल - साइसर एरीटिनम

भारत में चना दाल की खपत बहुत होती है और लोगों को ये पसंद भी है | भारत में कई तरह की दालों का प्रयोग किया जाता है और आपको बता दें की चना दाल भी अनाज की श्रेणी में ही आता है और इसकी फसल को दलहन की फसल कहते हैं | ये प्रोटीन और विटामिन का बहुत अच्छा स्रोत है | दालों के कई प्रकार हैं जैसे - लोभिया दाल, मोठ दाल, खेसरी, गौर, लोबिया, कुल्थी, मटर और सोयाबीन दाल |

उड़द दाल - विग्ना मुंगो

उड़द दाल को बोलचाल की भाषा में उरद दाल भी कहते हैं | ये मैग्नोलियोफाइटा विभाग का होता है | इस दाल में कार्बोहाइड्रेट, फैट, आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और प्रोटीन की प्रचुर मात्र होती है | इस दाल में मौजूद तत्व आपके शरीर में होने वाले सुजन, बुखार, सरदर्द और अन्य बिमारियों को होने से रोकता है और राहत पहुँचाता है | इसकी बुवाई बसन्त ऋतु की फसल फरवरी-मार्च में तथा खरीफ ऋतु की फसल जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई के अन्तिम सप्ताह में की जाती है |

मसूर दाल - लेन्स एस्क्युलेन्टा

ये एक दलहन फसल है और इसका वानस्पतिक नाम 'लेन्स एस्क्युलेन्टा' है। मसूर दाल की प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है, इसके सेवन से अनियमित पाचन क्रिया के रोग से पीड़ित व्यक्ति को बेहद लाभ होता है | ये कब्ज को हरने वाला होता है| दलहन की फसल में इसकी उपयोगिता बहुत महतवपूर्ण है | इसमें आयरन के अतिरिक्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, बी6, बी2, फोलिक एसिड, कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा होती है |

मूंग दाल - विग्‍ना रैडिएटा

इसमें बहुत से पोषक तत्व मौजूद रहते हैं जैसे - आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन्स के साथ ही केल्शियम भी | ये शरीर को शक्ति प्रदान करता है और बुखार और कब्ज में लेने से लाभ पहुंचाता है |

कुछ सब्जियों के वैज्ञानिक नाम - Scientific names of some vegetables

गाजर - डौकस कैरोटा

इसे एक सब्जी के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है | गाजर में 41k कैलोरी की मात्र के साथ ही जीरो कोलेस्टेरॉल होता है | ये हमारे आँखों के लिए लाभदायक है | वास्तव में ये पौधे की जड़ यानी मूल होती है | इसमें कई पोषक तत्व जैसे - विटामिन-ए, विटामिन-सी, डायट्री फाइबर आदि होते हैं | गाजर कैंसर जैसी बीमारी की संभावना को कम करता है और हमारे दिल के लिए भी फायेदेमंद होता है |

मुली - रेफेनस सेटाइवस

ये भी एक जड़ है और इसमें फॉलिक एसिड, विटामिन C और एंथोकाइनिन की प्रचुर मात्रा होती है जो शरीर को कैंसर जैसे रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है |

शकरकंद - आईपॉमिया बटाटास

इसकी तासीर गर्म होती है और इसमें बहुत ज्यादा कैलोरी होती है | अगर आप इसे खा कर सो जाते हैं तो ये आपके शरीर का वजन बढ़ा सकती है | इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम और सोडियम की मात्र बहुत ज्यादा पाई जाती है |

आलू - सोलेनम ट्यूबरोसम

आलू को सब्जी के तौर पर देखा जाता है लेकिन सधारण तौर पर ये एक तना है | वनस्पति विज्ञानं में इसे तना के रूप में ही देखा जाता है | 

कुछ और सब्जियों के नाम और उनके वैज्ञानिक नाम हैं = बथुआ - चीनोपोडियम एल्बम, पालक - स्पाइनेसिया ओलेरेसिया, फुल गोबी - ब्रेसिका ओलेसरेसिया, टमाटर - लाइटकोपर्सिकोन एलकुलेंटम, बैंगन - सोलेनम मेलोंजिना, गवार फली - साइमोपसिस टेटा्गोनोलोबा, भिंडी - एबलमास्कस एस्कुलेंटस 

फलों के वैज्ञानिक नाम - Scientific names of fruits

सीताफल - एनोव स्कवेमोसा

ये एक बेहद लाभदायक फल है और इसका उपयोग कफ दोष को ठीक करने के अतिरिक्त खून की मात्रा को बढ़ाने के लिए और उल्टी के साथ दांतों के दर्द से आराम पाने के लिए किया जाता है।

संतरा - सिट्रस रेटीकुलेटा

संतरा एक फल है जिसे चूसकर खाया जाता है | ये हमारे मन और तन को ठंढक प्रदान करता है 

पपीता - केरीका पपाया

पपीता में फाइबर, मिनरल्स, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा रहती है और ये खाने में सब्जी के तौर पर भी इस्तेमाल होता है|

अमरूद - साइडियम ग्‍वाजावा

अमरुद में विटामिन सी के अलावा विटामिन बी६, विटामिन ए, विटामिन के की अच्छी मात्रा होती है जो रोग प्रतिरोधक और शरीर के लिए उर्जा देने का काम करता है 

कुछ और फल और उनके वज्ञानिक नाम हैं, नाशपाती - पाइरस कम्‍यूनिस, आम - मेन्‍जीफेरा इंडिका, अंगूर - वायटिस विनीफेरा |

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