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Showing posts from September, 2021

12 ऐसी बातें जो हम नहीं जानते Sai Pallavi के बारे में

Sai Pallavi का पूरा नाम साई पल्लवी सेंठामराई है | अमूनन ये साई पल्लवी के उपनाम से जानी जाती हैं | Sai Pallavi एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म अभिनेत्री के साथ ही एक डांसर भी हैं | इन्होने तमिल के साथ ही तेलुगू और मलयालम भाषावो में बनी कई फिल्मों में काम किया है | अपने कामों के लिए साई पल्लवी ने कई पुरस्कार भी पाए हैं|  साई पल्लवी बायोग्राफी Sai Pallavi Biography In Hindi - साई पल्लवी बायोग्राफी इन हिंदी इन्होने फिदा और प्रेमम फिल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवाते हुये दो फिल्मफेयर पुरस्कार भी हासिल किया है| साई पल्लवी के जन्म की तारीख 9 मई 1992 है और उस हिसाब से इनकी आयु 29 वर्ष है | इनके माता पिता का नाम राधा कन्नन, सेंथमारा कन्नन है | 12 ऐसी बातें जो हम नहीं जानते Sai Pallavi के बारे में क्या आपको पता है की साई पल्लवी एक्ट्रेस के साथ ही एक डॉक्टर भी हैं | इन्होने MBBS की पढाई टबिलिसि स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, जॉर्जिया से किया है | साई पल्लवी अपनी फिल्म प्रेमम में निभाए गए एक किरदार 'Malar' के कारण चर्चा में आई थी | ये फिल्म 2015 में रिलीज़ हुयी थी | तमिल में साई पल्लवी की पहली फिल्म धा

साम दाम दंड भेद का अर्थ क्या होता है विस्तार में बतायें

आज हम बात करेंगे की साम दाम दंड भेद का अर्थ हिंदी में क्या होता है | ये पोस्ट मैं अपने अनुभव के आधार पर लिख रहा हूँ | बहुत सी बातें लीक से हट कर होंगी, ओ मेरे अपने विचार होंगे | इस पोस्ट में  Chanakya Neeti की भी बात की गयी है आशा है ये पोस्ट आपको पसंद आयेगी | साम दाम दंड भेद का अर्थ Saam Daam Dand Bhed Meaning In Hindi हिंदी में ये कहा जाता है की साम दाम दंड भेद का उपयोग तब करना चाहिए जब किसी बात की अति हो जाये | इसका मतलब है की अगर किसी व्यक्ति से कोई काम संपन्न कराना हो और वो जान कर आना कानी करे. जिससे आपको नुक्सान हो रहा हो तो उस पर साम दाम दंड भेद के कहावत को लागू करना चाहिए | अपना काम करवाने के लिए ये एक बेहतरीन चाणक्य नीति है | इस लोकोक्ति में ' साम ' का अर्थ है किसी काम के लिए सुझाव देना या किसी को कहना और ' दाम ' का अर्थ है की उस काम को करने के लिए मूल्य चुकाना, इसी की साथ ' दंड ' उस काम को नहीं करने पर दिए जाने के लिए लागू होता है| भेद की निति उस के रहस्यों पर चोट करने के लिए होती हैं | चाणक्य की ये निति लोग अपने बचाव के लिए भी उपयोग करते हैं और कुछ