विश्व अस्थमा दिवस क्यों मनाया जाता है World Asthma Day In Hindi

विश्व अस्थमा दिवस (Asthma) क्यों मनाया जाता है और अस्थमा कैसे व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर कर देता है ये जानना बहुत ही जरुरी है| आपको ये बता दे की विज्ञानं आज इतनी तरक्की कर गया है की आज कोई भी बीमारी शरीर को बहुत नुक्सान नहीं पंहुचा पा रही है| 

अस्थमा की दवाई भी आज के समय में उपलब्ध है और लोगो को ये भी जानकारी है की किस तरह का खाना अस्थमा का कारण बनता है? आज अस्थमा की होम्योपैथिक दवा (homeopathy treatment for asthma) के साथ ही आयुर्वेदिक उपचार की भी सुविधा उपलब्ध है|


विश्व अस्थमा दिवस क्यों मनाया जाता है, World Asthma Day In Hindi
World Asthma Day क्यों मनाया जाता है?


World Asthma Day In Hindi

विश्व अस्थमा दिवस मनाने का मुख्य कारण है लोगो को जागरूक करना और उन्हें आगाह करना की आप इस बीमारी से अपने को बचा सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको जागरूक रहना होगा और नियमो का पालन सख्ती से करना होगा| 

जैसा की सभी जानते हैं की अस्थमा रोग शरीर को कमजोर कर देता है, इससे पीड़ित व्यक्ति को कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है| इससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक प्रणाली कमजोर पड़ जाती है और रोगी को संक्रमण का भी खतरा रहता है| आज विश्व अस्थमा दिवस भी मनाया जाता है जिससे लोगो को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास रहे और वे सावधानिया बरते|

अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही सतर्क रहना होगा और ये ध्यान रखना होगा की उनके स्वास्थ्य के लिए क्या सही और क्या गलत है, साथ ही उन्हें क्या खाना है और क्या नहीं खाना है|

आज विश्वा कोरोना महामारी से जूझ रहा है और कोरोना वायरस अस्थमा के मरीजो के लिए ज्यादा घातक है| आज अस्थमा के रोगी को ज्यादा सावधानी की जरुरत है| उन्हें अपनी रोगप्रतिरोधक छमता को बढ़ाना होगा, क्योकि वायरस कमजोर रोगप्रतिरोधक छमता वालो पर ज्यादा तेजी से हमला करता है चुकी उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है इसलिए उनमे वायरस का असर ज्यादा देखा जाता है| इसलिए लोगो को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उपाय करने चाहिए|

आज अस्थमा के मरीज पूरे विश्वा में फैले हुये हैं और जागरूकता फ़ैलाने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए साल के मई महीने में विश्व अस्थमा दिवस के रूप में मनाया जाता हैं और लोगो को आगाह किया जाता है की इस बीमारी को वे हलके में ना ले, साथ ही सुझाये गए उपायों के द्वारा खुद को बचाने का प्रयास करे|

अस्थमा के लिए आहार पर भी ध्यान उन्हें देना होगा और डॉक्टर के द्वारा सुझाये गए आहार को लेना होगा| अगर आप अस्थमा के लिए अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा ले रहे है या अस्थमा के लिए योगासन कर रहे हैं तो उसे जारी रखे, साथ ही अस्थमा की जांच भी कराते रहे| 

जिससे आपको लेटेस्ट अपडेट मिलता रहे| अगर तकलीफ ज्यादा बढ़ जाये तो अस्थमा के कारणों को पता करे और डॉक्टर द्वारा सुझाये गए उपयो को अपनाये, साथ ही सलाह भी ले| अस्थमा के रोकथाम और एलर्जी से बचाव करने की भी कोशिश करनी चाहिए| 

अस्थमा रोग वालो को निचे दिए खाद्य प्रदार्थ खाने से बचना चाहिए| 

1. कृत्रिम स्वीटनर - अस्थमा रोग से पीड़ित वयक्तियो को कृत्रिम पदार्थो के सेवन से बचना चाहिए | अमेरिकी संस्थान (AAFA) कृत्रिम स्वीटनर के प्रयोग को हतोसाहित करता है क्योकि ये एलर्जी को बढ़ावा देता है और रोगी की परेशानी को बढाता है| ये सोडा और जूस में मौजूद रहता है और एक Preservative के तौर पर इस्तेमाल होता है|

2. प्रोसेस्ड फ़ूड - कई तरह के प्रोसेस्ड और कृत्रिम खाध्य पदार्थ बाज़ार में उपलब्ध हैं और ये खाध्य पदार्थ अस्थमा के रोग से लड़ने वालो के लिए हानिकारक हैं| इन खाद्य पदार्थ का अस्थमा में परहेज है| क्योकि इनमे बहुत ज्यादा कैलोरी होती है और ये अस्थमा रोग वालो के फेफड़ो में समस्या (Asthma Problems) पैदा कर सकती है| क्रोनिक अस्थमा यानि सिम्पटम्स ऑफ़ अस्थमा रोगी को अस्थमा में ये नहीं खाना चाहिए| साथ ही पैक्ड और डीप-फ्राइड फ़ूड से भी अपने को अलग रखना चाहिए|

3. वनस्पति तेल - तेल को अगर आप ज्यादा बार या लम्बे समय तक इस्तेमाल करते हैं तो उनमे विषाक्त कणों की संख्या में इजाफा होने लगता है जिसमे बना खाना अस्थमा के रोगी के लिए हानिकारक है| ये विषाक्त कण रोगी के शरीर में सूजन और जलन पैदा कर सकता है| इसलिए बहुत अधिक तापमान पर तेल में खाना पकाने से बचना चाहिए| ये शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को नुकसान पंहुचा सकता है| 

4. तले हुये खाध्य पदार्थ - तले खाध्य पदार्थ अस्थमा रोग से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा हानि पंहुचा सकता हैं इसलिए तले हुये खाध्य पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए और साथ ही ज्यादा नमक के उपयोग से भी बचने की कोशिश करना चाहिए|

5. दूध से बने उत्पाद - दूध से बने उत्पाद का भी सेवेन दमा के रोगी के स्वास्थ्य को हानि पंहुचा सकते हैं| दूध से बने उत्पाद को खाने से उनके फेफड़े में बलगम का प्रतिशत बढ़ सकता हैं और उन्हें स्वास्थ्य से जुडी समस्या का सामना करना पड़ सकता है| इसलिए अस्थमा रोगी को दूध और आइसक्रीम लेने से बचना चाहिए| इन रोगीओ को Greek yogurt खाने की सलाह दी जाती है|

दोस्तों, इस पोस्ट को लिखने के लिए मैंने एक समाचार प्रकाशन पोर्टल (आज तक ) से जानकारी को एकत्र किया है और उन जानकारियों को अपने पोस्ट के माध्यम से आपके समक्ष रख रहा हूँ| इस पोस्ट में दी गयी टिप्स को अपनाने के पहले आप अपने डॉक्टर (Asthma Specialist) की सलाह जरुर ले, क्योकि अस्थमा पेशेंट की हिस्ट्री तो उसके डॉक्टर के पास ही होती है और उनकी सलाह रोगी के लिए बहुत ही आवश्यक है| 

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